नेतृत्व दल

You are here

Hindi
प्रो॰ अनिल डी. सहस्रबुद्धे
अध्यक्ष

प्रो॰ अनिल डी सहस्रबुद्धे जी ने 17 जुलाई 2015 को अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् में अध्यक्ष के पद पर कार्यभार ग्रहण किया। 

भारतीय प्रौधोगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी में यांत्रिक इंजीनियरी के प्रोफेसर अनिल दत्तात्रे शहस्त्रबुद्ध ने 17 जुलाई 2015 को अध्यक्ष के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (अभातशिप) में कार्यभार ग्रहण किया। प्रो॰ अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने कर्नाटक विश्वविधालय, धारवाड, कर्नाटक के साथ संबद्ध बीवीबी इंजीनियरी एवं प्रौधोगिकी महाविधालय, हुबली से प्रथम श्रेणी और स्वर्ण पदक के साथ मैकेनिकल इंजीनियरी में स्नातक की उपाधि हासिल की। इसके उपरांत उन्होंने 1982 और 1989 में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस), बैंगलूरू से क्रमशः निष्णात और डाक्टोरल (यूजीसी की फेलोशिप के साथ) डिग्रियां प्राप्त की।

भारतीय प्रौधोगिकी संस्थान (आईआईटी), गुवाहाटी में यांत्रिक इंजीनियरी के प्रोफेसर अनिल दत्तात्रे सहस्रबुद्धे ने 17 जुलाई, 2015 को अध्यक्ष के रूप में अखिल भारतीय तकनीकी शिक्षा परिषद् (अभातशिप) में कार्यभार ग्रहण किया। प्रो॰ अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने कर्नाटक विश्वविधालय, धारवाड, कर्नाटक के साथ संबद्ध बीवीबी इंजीनियरी एवं प्रौधोगिकी महाविद्यालय , हुबली से प्रथम श्रेणी और स्वर्ण पदक के साथ मैकेनिकल इंजीनियरी में स्नातक की उपाधि हासिल की। इसके उपरांत उन्होंने 1982 और 1989 में भारतीय विज्ञान संस्थान (आईआईएस), बैंगलूरू से क्रमशः निष्णात और डाक्टोरल (यूजीसी की फेलोशिप के साथ) डिग्रियां प्राप्त की।

प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे ने अपने 31 वर्षों के कैरियर में अनेक शैक्षणिक, अनुसंधान और प्रशासनिक पदों को सुशोभित किया। उन्होंने अपने कैरियर की शुरूआत 1983 में भातरीय विज्ञान संस्थान, बैंगलोर में वैज्ञानिक अधिकारी के रूप में की तथा उन्होंने उसी वर्ष टाटा कंसल्टिंग इंजीनियर (टीसीई) में बतौर इंजीनियर कार्यभार ग्रहण कर लिया। उन्होंने 1995 में एसोसिएट प्रोफेसर के रूप में आईआईटी गुवाहाटी में पदभार ग्रहण करने से पूर्व 1987-1988 तक तथा पुनः 1989-1995 तक उत्तर-पूर्व क्षेत्र विज्ञान और प्रोधौगिकी संस्थान (एनईआरआईएसटी), ईटानगर (अरूणाचल प्रदेश) में क्रमशः व्याख्याता और सहायक प्रौफेसर के पदों पर कार्य किया। वे 1999 से आईआईटी गुवाहाटी में प्रौफेसर के पद पर कार्य कर रहे हैं। इसके अलावा, उन्होंने अभातशिप के अध्यक्ष के पद पर पदभार ग्रहण करने से पूर्व 2006 से आईआईटी, गुवाहाटी से प्रतिनियुक्ति पर निदेशक, इंजीनियरी कालेज, पुणे (सीआईपी) में निदेशक के पद पर कार्य किया। एनईआरआईएसटी तथा आईआईटी, गुवाहाटी में एक शिक्षाविद् और शोधकर्ता के रूप में तथा निदेशक, सीआईपी के पद पर बतौर प्रशासक उन्होंने शैक्षणिक, पाठ्यक्रम से सम्बंधित एवं पाठ्येतर क्रियाकलापों, उद्यमिता तथा शोध सुशासन के लिए अनेक पहल की। वह दो वर्ष के लिए 31.12.17 तक सीईजीआर कोर समिति के अध्यक्ष भी हैंI

प्रो. अनिल डी. सहस्रबुद्धे वर्तमान में विभिन्न राष्ट्रीय स्तर की समितियों में अध्यक्ष और विशेषज्ञ सदस्य के रूप में कार्य कर रहे हैं। इनमें से कुछ हैं: अघ्यक्ष, आधारभूत वैज्ञानिक अनुसंधान (बीएसआर), यूजीसी की अधिकार प्राप्त समिति, ‘स्वयं’ बोर्ड तथा एनआईटी, ईटानगर के बीओजी के अध्यक्ष।एक सदस्य / फेलो के रूप में वे अनेक व्यावसायिक निकायों/सोसाइटियों के क्रियाकलापों में सक्रिय रूप से शामिल हैं जैसे आईएसटीई, एएसएमई, एएसईई, एएसआई आईईटी, इंजीनियर्स संस्थान (आईई)।

उन्हें प्रोधौगिकीविकास और उद्यमवृत्ति पहल कदमों के क्षेत्र में उनकी नेतृत्वकारी और अभिनवतापूर्ण क्षमताओं के लिए प्राज इंडस्ट्रीज पुणे के ‘‘महा-उद्यमी पुरस्कार-2011’’ से सम्मानित किया गया।

Back to Top