सांस्थानिक विकास योजना

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अभातशिप द्वारा संचालित सांस्थानिक विकास योजनाओं के बारे में अधिक पढ़े

शेयर एवं मेंटर संस्थाएं (मार्गदर्शन)

इस योजना के माध्यम से किसी प्रतिष्ठित संस्था को उसके विद्यमान संकाय-सदस्यों के साथ परामर्शक के रूप में तैनात किया जाता है ताकि वह एक हब के रूम में कार्य कर सकें और अपनी आस-पास की लगभग दस तकनीकी संस्थाओं का मार्गदर्शन करें और उनके मध्य ज्ञान का प्रचार-प्रसार करें। वित्त-पोषण की सीमा 50 लाख रू है तथा परियोजना की अवधि 3 वर्ष है।

उन्नत भारत अभियान

उन्नत भारत अभियान ज्ञान सक्षम संस्थाओं को और अधिक सहायता प्रदान करके ग्रामीण विकास प्रक्रियाओं में रूपांतरणकारी परिवर्तन लाने के दृष्टिकोण से प्रभावित है। इसके वित्त - पोषण की सीमा 5 लाख रूपए प्रति संस्था है तथा परियोजना की अवधि 2 वर्ष है।

आधुनिकीकरण तथा अप्रचलन निवारण (मोडरोब्स)

यह योजना तकनीकी संस्थाओं को अवसंरचनात्मक सुविधाओं, प्रयोगशालाओं, कार्यशालाओं और कंप्यूटिगं सुविधाओं से लैस करती है ताकि वहां शिक्षण, प्रशिक्षण और शोध की क्षमताओं में वृद्धि हो सके। वित्त-पोषण की सीमा 20 लाख रू है तथा परियोजना की अवधि 2 वर्ष है।

अनुसूचित जाति/अनुसूचित जनजाति के छात्रों के लिए कौशल और व्यक्तित्व विकास कार्यक्रम केन्द्र

यह योजना संस्थानों में अ.जा./अ.ज.जा. के छात्रों को इंजीनियरी स्नातकपूर्व/डिप्लोमा अध्ययन के सभी स्तरों पर उभरने वाले रोजगार के अवसरों का लाभ उठाने के लिए स्वयं को तैयार करने में सहायता प्रदान करती है ताकि अ.जा. और अ.ज.जा. के छात्रों को सुदृढ़ बनाया जा सके। योजना के लिए अधिकतम वित्त-पोषण 25 लाख रू है तथा परियोजना की अवधि 3 वर्ष है।

अ.जा. एवं अ.ज.जा. छात्रों के लिए छात्रावास

इस योजना का उद्देश्य सरकारी/सरकार द्वारा सहायता प्राप्त इंजीनियरी कॉलेजों को अ.जा./अ.ज.जा. श्रेणी के छात्रों/शोधकर्ताओं के लिए पुरूष/महिला छात्रावास का निर्माण करने के लिए उन्हें सहायता प्रदान करना है। 2 करोड़ रू तक का कुल वित्त-पोषण 2 वर्ष की अवधि में पूर्ण करने के लिए प्रदान किया जाता है।

पूर्वोंत्तर राज्यों के लिए विशेष योजना

पूर्वोत्तर भारत के सुदूरवर्ती क्षेत्रों में स्थित तकनीकी संस्थाओं की कार्यात्मक दक्षता में सुधार लाने के लिए अभातशिप ने वर्षा जल संचयन प्रणाली का निर्माण करने, वैकल्पिक विद्युत सहायता प्रदान करने तथा इंटरनेट सुविधा की उपलब्धता/कनेक्शन प्रदान कराने के लिए वित्तीय सहायता प्रदान करते हुए पूर्वोत्तर क्षेत्र की तकनीकी संस्थाओं को संचार-तंत्र संबंधी सहायता देने के प्रयोजनार्थ यह योजना आरंभ की है।

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